From the Managing Director's Desk

बिजनौर पब्लिक स्कूल पिछले 30 बर्षों से बिजनौर के बच्चों का भविष्य सवारने का महत्वपूर्ण कार्य करके राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। शहर के शोर और प्रदूषण से दूर विद्यालय के मनोरम हरा भरा परिसर छात्रों और शिक्षकों को पठन पाठन के लिये एक अनुकूल पर्यावरण प्रदान करता है।

विद्यालय के संचालकों ने इस परिसर को प्रकृति के निकट रखकर भी इसको सभी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया है। छात्र – छात्राओं के सम्पूर्ण विकास के लिए विद्यालय में स्मार्ट क्लासरूमस इंटरनेट, आधुनिक प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर लैब इत्यादि उपलब्ध कराये गये है। विद्यालय के सुयोग्य, शिक्षक शिक्षिकायें इन साधनों के माध्यम से निरंतर छात्रों का मार्गदर्शन करते है। विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं मैनेजमेंट निरंतर शिक्षकों एवं छात्रों के उज्वल भविष्य के लिए समय समय पर इसका अवलोकन भी करते है।

छात्रों के सम्पूर्ण एवं चौमुखी विकास के लिए विद्यालय में पाठयतर गतिविधियों के लिए भी सभी सुविधाएं प्रदान की गयी है। खेलकूद के लिए विद्यालय में फुटबॉल, क्रिकेट, बास्केटबॉल, बॉलीबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, विलिडयस इत्यादि की विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान की गयी है। और छात्रों को निरंतर विद्यालय, अंतर – विद्यालय एवं सी.बी.एस.सी. क्लस्टर प्रतियोगिताओ में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। विद्यालय में प्रति बर्ष बार्षिक खेल दिवस का आयोजक धूमधाम से किया जाता है, जिसमें छात्रों को अपनी प्रतिभा को अपने परिवार और मित्रों के सामने दिखाने का अवसर मिलता है।

छात्रों को अपनी सांस्कृतिक कलाओं को विकसित एवं प्रस्तुत करने के लिए विद्यालय परिसर में एक भव्य वातानुकूलित सभागार उपलब्ध है, और समय समय पर इसमें छात्रों के सम्पूर्ण विकास के लिए विभिन्न कार्यकर्मो का आयोजन किया जाता है। विद्यालय में छात्रों के लिए संगीत, विभिन्न वाघ यंत्र, फाइन आर्ट इत्यादि सीखने के लिए विशेष सुविधा एवं शिक्षक भी उपलब्ध है। समय – समय पर छात्रों की कला का प्रदर्शन करने के लिए विभिन्न परिदर्शनियो का आयोजन भी किया जाता है।

छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरा परिसर सिक्योरिटी कैमरों की निगरानी में रहता है। विद्यालय में छात्रों के आवागमन के लिए स्कूल बसों का प्रबंध भी है। विद्यालय मैनेजमेंट द्वारा इन बसों एवं ड्राइवरों की देखरेख पर विषेश ध्यान दिया जाता है।

अंत में विद्यालय का विषेश ध्यान रहता है कि छात्रों की प्रतिभा को पहचाना जायें और उसे निखारा जाये। उनके आत्मविश्वास और उनकी सकारात्मक सोच को बढ़ावा दिया जाए। खेल, कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उनको प्रोत्साहित किया जाए और अभिभावको के साथ मिलकर उनके सर्वोच्च विकास के लिए काम किया जाए।

!! जय हिन्द !!

क्षितिज कुमार
(डारेक्टर एजुकेशन)